Sunday, November 8, 2009

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,,,कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,

चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है.

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,

चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है.

आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,

जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है.

मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,

बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में.

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,

क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो.

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,

संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम.

कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,

11 comments:

A V HANS said...

Wonderful dear Dev,
u hv written the genuine thing..mere man khush ho gaya..i m proud of u..eishe hi likhte raho..
Maa Saraawati ki kripa har kishi par nahi hoti..

सुलभ सतरंगी said...

गीत जो प्रेरणा देती है

ARJUN said...

Mr. Dev,
Hi, This is Samar Jeet. your poem is very interesting and meaningful. It will definitely be able to guide many of the readers like us..

radhasaxena said...

Very positive............Good

अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढ़े और टिप्पणी करें

Mission Mithila said...

yah kavita to kisi aur rachanakar ki hai aur aap vahvahi bator hai . aapako unka nam avashya dena chahiye.

arspeaks said...

यह कविता श्री हरिवंश राय बच्चन की है, और आपने इसे ऐसे पेश किया है जैसे यह आपकी हो. ऐसी कविता लिखने में या कविता ही लिखने आपको अभी कई जन्म लगेंगे.

शशांक शुक्ला said...

अच्छा लिखा है, बहुत बढिया लिखा है अगर ओरिजनल है तो

Amit K Sagar said...

चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है.
मेरी शुभकामनाएं.
---
महिलाओं के प्रति हो रही घरेलू हिंसा के खिलाफ [उल्टा तीर] आइये, इस कुरुती का समाधान निकालें!

Manoj Kumar Soni said...

सच कहा है
बहुत ... बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
टेम्पलेट अच्छा चुना है. थोडा टूल्स लगाकर सजा ले .
कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें .
कृपया मेरे भी ब्लागस देखे और टिप्पणी दे
http://manoj-soni.blogspot.com/

नारदमुनि said...

narayan narayan