Wednesday, October 13, 2010

उदघोष का अर्थ

वाकई, उदघोष का जो शाब्दिक अर्थ होना चाहिए, आप ने सत्यार्थ किया है, उदघोष का मतलब ही जागृत करना होता है, भगवतगीता में, श्री कृष्ण ने गीतोपदेश को उदघोष ही सम्बोधित किया है, और श्री मदभगवत गीता का वास्तविक नाम ही उदघोष है|
   क्योंकि महाभारत के समय में श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दे कर  इस नाम को सार्थक कर दिया था, कि ये गीता तो है ही, लेकिन ये उदघोष भी है, क्योंकि गीता का परीभाषिक अर्थ होता है ("संसार  सार का, तत्त्व रूप ")  ये संसार का सार रूप तो है ही, और मानव को जागृत करने का उद्गम भी गीता है,
 और आज के समय में गीता को प्रबंधन का मुख श्रोत कहा जा सकता, क्योंकि गीता में भगवान् श्री कृष्ण ने मानव प्रबंधन और आत्मविस्वाश का सारा गुण डाल दिया है  |

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