Saturday, March 26, 2011

युगवाणी-3

हर जीवन इक समर भया, नित शेष वो आस.
सत-चित अब तो कहीं नहीं, बस आनंद में वास.

Every life has become a struggle, every time there is remained that dissatisfaction. Truth and honesty are now not anywhere, all are living for sense-gratifications.




Saturday, March 19, 2011

नाम

फिर से आया त्यौहार रंगों का, गीत रंगों का-मनमीत रंगों का,
नाम कर दें ऊँचा हम सब, गुरु-मात-पिता के अमर प्रेम का..

दोस्तों, आप सभी को होली की हार्दिक शुभ कामनाएँ..आप सभी को हमारा आशीर्वाद..आप सभी विद्यार्थी, अपने माता पिता और हमारे सपनों  को साकार करें.